आंध्रप्रदेश: भांति-भांति के रंग, खाने में भी.. संस्कृति में भी..

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आंध्र प्रदेश मजेदार जगह है। यहां पर आपको बड़े-बड़े मॉल्स, इमारतें मिलेंगी तो उसी जगह के आस-पास सदियों पुराने महल, किले भी अडिग खड़े दिखेंगे। लोकप्रिय ब्रांड्स की फूड चेन और करीने से सजे रेस्टोरेंट भी मिलेंगे, साथ ही पुश्तों से चले आ रहे पारंपरिक खाने वाले होटल भी अपनी शानदार विरासत के साथ आपको ललचाएंगे। यहां पांडवकालीन मंदिर हैं, गुप्तकालीन गुफाएं हैं, देश के सबसे बड़े रिवर आइलैंड्स में से एक भवानी द्वीप है, फलों के राजा आम का एक लंबा चौड़ा साम्राज्य है, विभिन्न संस्कृतियों के मेल से बना स्वादिष्ट खाना है। खाना, हां ये आई न सबसे काम की बात।

कृष्णा नदी के किनारे पर बसे विजयवाड़ा पहुंचे थे हम। वहां पर कुछ-कुछ चीजें खाईं थीं, आप भी मजे लो। जो फोटो ऊपर दिखाई दे रही है, उसमें उत्तपम और नारियल की चटनी है। उत्तपम वैसे तो बड़ा पॉपुलर खाना है लेकिन जिनको नहीं पता, उनके लिए, ये चावल के चीले जैसा होता है, ऊपर से प्याज, टमाटर वगैरह की टॉपिंग होती है। अब ये कुछ नए खाने वाली चीजों के मजे लीजिए।

डबल का मीठा

शाही टोस्ट खाएं हैं न, थोड़ा उस जैसा होता है। जिनको नहीं पता, उनके लिए: शाही टोस्ट या शाही टुकड़ा अवध की नवाबी डिश है। उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ दिल्ली में भी काफी प्रचलित है। तो इस डबल का मीठा में दूध की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है, मेवे भी भरकर होते हैं। इसका आधार होता है ब्रेड, जिसे केसर और इलायची के संग में डुबोया जाता है। इसमें शाही टोस्ट जितनी चाशनी नहीं होती। शहद की मिठास काम कर जाती है। वैसे तो ये डिश हैदराबादी है लेकिन अब चूंकि वो अब आंध्रप्रदेश का हिस्सा नहीं रहा। फिर भी ये आंध्र में हर जगह काफी प्रचलित है।

कर्ड राइस

ये बड़ा पॉपुलर है इधर। आंध्र प्रदेश के साथ ही साथ तकरीबन सभी दक्षिण भारतीय राज्यों में इसके लिए चाहत एक समान है। नाम का हिंदी तर्जुमा किया जाए तो दही भात निकलता है। लेकिन ये उत्तर के दही भात से काफी अलग है। इसको बनाने के लिए दही चावल को मिक्स करके उसमें घी से राई, करी पत्ते का तड़का और बेहद हल्का सा मसाला। कुछ-कुछ जगहों पर इसमें थोड़े फल काटकर मिला दिए जाते हैं।

फिल्टर कॉफी

एक और बहुव्यापी चीज। ये सिर्फ आंध्र का ही नहीं, तकरीबन पूरे साउथ का प्रिय पेय पदार्थ है। जिस तरह उत्तर भारत में कप से प्लेट में डालकर चाय पीते हैं उसी तरह यहां पर स्टील के गिलास से कटोरी में डालकर पीते हैं कॉफी। इसे बनाने के लिए गिलास में पहले एकदम सांद्र और तरल कॉफी डाली जाती है फिर उसमें खौलता मीठा दूध। इस झागदार कॉफी में चीनी, दूध, कॉफी का एकदम सही अनुपात रहता है।

बैंगनपल्ली आम

आंध्रप्रदेश यकीकन तौर पर आमों का राज्य है। विजयवाड़ा में चक्कर लगाते हुए मुझे नुक्कड़ दर नुक्कड़ टोकरे भर आमों के नजारे मिले। आंध्र मतलब तोतापरी, सिन्दूरी, हिमायत, हापुस और ऐसे ही तमाम नामों, रंगों के स्वादिष्ट आम। ये जो आम हमारे हाथ में है, नाम है उसका बैंगनपल्ली। बस यूं समझ लीजिए, ये वहां का दशहरी आम है।


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