अतीत के पन्ने खोलने में मदद करता है मध्य प्रदेश

0
438
views

मध्य प्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यहां के जनपदों की आबोहवा में कला, साहित्य और संस्कृति की मधुमयी सुवास तैरती रहती है। यहां के लोक समूहों और जनजाति समूहों में प्रतिदिन नृत्य, संगीत, गीत की रसधारा सहज रूप से फूटती रहती है।  राज्य का समृद्ध इतिहास बीते युग की आश्चर्यजनक वास्तुकला से स्पष्ट है। मध्यप्रदेश की संस्कृति विविधवर्णी है। मध्यप्रदेश विभिन्न लोक और जनजातीय संस्कृतियों का समागम है। यहां कोई एक लोक संस्कृति नहीं है। मध्य प्रदेश का दौरा आपको महसूस करा सकता है मानो आपने अतीत का दौरा किया था। यहां अतीत के प्रभाव अभी भी स्पष्ट हैं। आप यकीन नहीं कर सकते लेकिन यहां इतिहास का संयोजन अभी भी बरकरार है।

मध्यप्रदेश जाइएगा, तो इन जगहों पर घूमना नहीं भूलिएगा

भोपाल

भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी है। भोपाल को ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है। भोपाल में प्राकृतिक झीलों और कृत्रिम झीलों की एक अद्भुत मौजूदगी है। यहां पर इतिहास का मिश्रण है, सुंदरता और आधुनिक योजनाओं का आकर्षण है। भोपाल में इन जगाहों पर आप घूम सकते हैं, लोअर झील, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोजपुर, मानव जाति के राष्ट्रीय संग्रहालय, मध्य प्रदेश के राज्य संग्रहालय, बिरला संग्रहालय, गोहर महल, मिंटो हॉल, ताज उल मसाजीद, भाद्भादा बांध।

इंदौर

सरवती नदी के किनारे स्थित  इंदौर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। इंदौर शानदार वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यह एक औद्योगिक शहर है। यहां सभी छोटे-बडे उद्योग हैं। यहां आए हैं तो केंद्रीय संग्रहालय, लाल बाग पैलेस, पाटलपनी झरना, रूलमंदल वन्यजीव, अरण्य, टिंचचा पतन, इंदौर व्हाइट चर्च, कृष्णपुरा छात्रा, टाउन हॉल, नेहरू पार्क जरूर घूम आइए।

क्रेडिट- विकीपीडिया

उज्जैन

उज्जैन, क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है। यह एकअत्यन्त प्राचीन शहर है। इसे कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। उज्जैन मंदिरों की नगरी है। यहां कई तीर्थ स्थल हैं। मध्य प्रदेश का पांचवा सबसे बड़ा शहर है। उज्जैन में बहुत से ऐसे स्थल हैं जो यहां की शान बढ़ाते है। यहां के मुख्य पर्यटन स्थल हैं, भैरव मंदिर, चिंतन गणेश मंदिर, जंतर मंतर, कलईद महल, विक्रम कीर्ति मंदिर संग्रहालय।

क्रेडिट- विकीपीडिया

ग्वालियर

इस शहर में प्राचीन चिह्न, स्मारक, किले, महल मिल जाएंगे। सहेज कर रखे गए अतीत के भव्य स्मृति चिह्न शहर को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। हर सदी के साथ इस शहर के इतिहास को नये आयाम मिले। महान योद्धाओं, राजाओं, कवियों संगीतकारों तथा सन्तों ने इस राजधानी को देशव्यापी पहचान देने में अपना-अपना योगदान दिया। आज ग्वालियर एक आधुनिक शहर है और एक जाना-माना औद्योगिक केन्द्र है। ग्वालियर में घूमने वाली जगहें है- ग्वालियर किला, सूर्य मंदिर, जय विलास पैलेस संग्रहालय, गोपाचल पर्वत, गुजरी महल पुरातत्व संग्रहालय, तेली का मंदिर, जिवाजी राव सिंधिया संग्रहालय, माधव राष्ट्रीय उद्यान, टिगरा बांध।

 

क्रेडिट- विकीपीडिया

जबलपुर

यदि आप प्रकृति से प्रेम करते हैं तो आपको मध्य प्रदेश के जबलपुर में जाकर प्रकृति का मजा लेना चाहिए। इसकी समृद्ध प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्मारक आपके मन को लुभाएगा। जबलपुर के प्रमुख स्थलों में झरने, मदन महल किला, बरगी बांध, नर्मदा घाटी, डमना प्रकृति रिजर्व, रानी दुर्गावती संग्रहालय जैसी जगहें हैं।

सांची

सांची विश्व विरासत स्थल है। यहां के मंदिर, स्तूप और मठों में भूमि का प्राचीन इतिहास स्पष्ट है। यह जगह बौद्ध धर्म के अनुयायियों का एक प्रमुख तीर्थ केंद्र माना जाता है। यहां के स्तूप, उदयगिरि गुफाएं, अशोक स्तंभ, पूर्वी गेटवे, बौद्ध विहार, महान कटोरा, गुप्त मंदिर, सांची संग्रहालय जैसी मनोरम जगहें है।

क्रेडिट- विकीपीडिया

ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर हिंदू धर्म के अनुयायियों द्वारा पवित्र माना जाता है। यह प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुशिल्प का एक बढ़िया उदाहरण है। दो उदात्त पहाड़ियां और एक घाटी, एक द्वीप को विभाजित करती हैं तो वहां ‘ओम’ के आकार की आकृति बन जाती है। ओंकारेश्वर में प्रमुख स्थलों में ओंकारेश्वर मंदिर, श्री ओमकारेश्वर ज्योतिलिंग, मामलेश्वर मंदिर आते हैं।

क्रेडिट- विकीपीडिया

ओरछा

ओरछा देखने में बहुत ही सुंदर और आकर्षक है। पर्यटन की दृष्टि से यह एक सुंदर शहर है। यहां पर ओरछा किला, छत्तीस सेनोटैप्स, जहंगीर महल, राजा महल, चतुर्भुज मंदिर, दीनमान हरडोल का पैलेस, ओरछा वन्यजीव अरण्य आदि देखने लायक है।


ये भी पढ़ें:

हर घुमक्कड़ का सपना होता है हिमाचल प्रदेश जाना

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here