वैधानिक चेतावनी: ये पढ़कर आपके मुंह में पानी खूब सारा पानी आ सकता है

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गुलाबजामुन का शहर, मैगलगंज। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का एक कस्बा मैगलगंज, जो दिल्ली से 405 किमी और लखनऊ से तकरीबन 125 किमी की दूरी पर है। कस्बे में प्रवेश होने से पहले आपको साइनबोर्ड दिख जायेंगे जिन पर लिखा होता है: गुलाबजामुन का शहर, मैगलगंज।

वैसे तो कलकत्ता का रशोगुल्ला भी बहुत प्रसिद्ध है। चूंकि कलकत्ता एक बड़ा और ऐतिहासिक शहर है तो रशोगुल्ला को लोग ज्यादा जानते हैं। यहां के गुलाबजामुन भी कलकत्ता के रशोगुल्ला से कम नहीं हैं न मानो तो आके देख लो। जिन्हें देखकर पक्का आपके मुंह में पानी आ जायेगा। अगर इन्हें खाने की कोशिश की तो मुंह में जाते ही घुल जाएगा, इतनी सॉफ्टनेस है यहां के गुलाबजामुन में।

आस पास के क्षेत्रों में काफी नाम है मैगलगंज के गुलाबजामुन का। इतनी ख्याति होने की वजह है, ग्राहकों को उसे शुद्धता से देने का तरीका। यहां रसगुल्ले मिट्टी की हांडी में पैक करके दिए जाते हैं। एक तो पहले ही  ये गजब के स्वादिष्ट होते हैं, उस पर भी इनमें मिट्टी का सोंधापन मिल जाने से ये और भी लाजवाब बना देता है। यहां के गुलाबजामुन जो भी जामुन खाता है, वो एक ही बात कहता है ‘वाह क्या गुलाबजामुन हैं’।

एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में बसे इस कस्बे में तकरीबन 20-25 दुकानें हैं हर दुकान के बाहर लिखा है ‘मशहूर गुलाबजामुन की पुरानी दुकान’। दिल्ली से लखनऊ या लखनऊ से दिल्ली जाने वाली हर रोडवे, टूरिस्ट बस यहां के गुलाबजामुन का स्वाद लेने के लिए रुकती जरूर है। अगर आप कभी दिल्ली से लखनऊ या लखनऊ से दिल्ली रूट पर सफर कर रहे हों और मीठा खाने का शौक है तो यहां के गुलाबजामुन जरूर चखकर देखिएगा, मजा आ जायेगा।


ये स्वादिष्ट किस्म का ब्यौरा हमें लिख भेजा है शिवम गुप्त ने। किसी भी और जिज्ञासु इंसान की तरह शिवम को घुमक्कड़ी बेहद पसन्द है। वो बताते हैं, यात्रा चाहे पांच किलोमीटर की हो या 500 की, हर तरह की घुमक्कड़ी एन्जॉय करता हूं। शिवम को सफर में दो चीजों से नफरत है, एक तो कान में इयरफोन ठुंसा होना और दूसरा नींद का आना। शिवम तस्वीरें भी काफी अच्छी खींचते हैं।


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