इस दुनिया से जुदा, अप्रतिम खूबसूरती से भरा मेघालय

0
1619
views

भारत के पूर्वोत्तर कोने में स्थित मेघालय सेवेन सिस्टर्स राज्य समूह का हिस्सा है। 1200 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने के कारण इसे दुनिया का सबसे गीला राज्य माना जाता है। पहले मेघालय असम का ही हिस्सा हुआ करता था। परन्तु 21 जनवरी 1972 में मेघालय एक अलग राज्य बन गया। जैसे ही आप गुवाहाटी से मेघालय की तरफ बढ़ेंगे, आपकी मुलाकात होगी अनगिनत पहाड़ों से। ये कहा जा सकता है कि मेघालय पहाड़ों का एक समूह है जहां अलग-अलग पहाड़ों पर विभिन्न संस्कृति के लोग बसते हैं। गारो, खासी एवं जयंतिया हिल्स में विभाजित यह राज्य समुद्र तट से लगभग 1500 मीटर की उचाई पर स्थित है। ईस्ट खासी हिल्स में स्थित है मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग। शिलॉन्ग मेघालय में सबसे ज्यादा पर्यटन आकर्षित करता है। प्रकृति के प्रशंसकों के लिए यह एक अद्भुत जगह है।

पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां कई झरने देखने को मिलेंगे जिसमें एलीफैंट फॉल्स सबसे प्रमुख है। इसके अलावा वार्डस लेक, डॉन बोस्को म्यूजियम, लेडी हैदरी पार्क, पुलिस बाजार, शिलॉन्ग पीक, लाइत्लुम घाटी, और उमियम लेक जैसी कई पर्यटन स्थल हैं। डॉन बोस्को म्यूजियम में न ही सिर्फ मेघालय बल्कि इसके आस-पास स्थित दूसरे राज्यों जैसे कि नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, और त्रिपुरा के बारे में भी आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिलॉन्ग को ‘स्कॉटलैंड ऑफ ईस्ट’ भी कहा जाता है। यहां साल भर मौसम सुहाना ही रहता है। कभी भी चले जाइए, आपको यहां रात में एक कम्बल ओढ़ने की जरूरत तो पड़ ही जाएगी। और हां, जब भी बाहर निकलें साथ में एक छाता ले जाना न भूलें क्योंकि यहां कभी भी बारिश हो जाती है और कई बार तो ये बारिश दो-तीन दिन तक लगातार चलती रहती है।

वैसे तो मेघालय जाने का कार्यक्रम आप किसी भी महीने का बना सकते है। धूप हो, बारिश हो, या कोहरा यहाँ के दृश्य हमेशा ही मनोरम होते हैं। जून से लेकर सितम्बर तक यहां खूब वर्षा होती है। इस समय झरनों का प्रवाह देखने लायक होता है। और अगर आप बारिश से बचना चाहते हैं, तो अक्टूबर से फरवरी के महीनों में आप मेघालय आ सकते हैं। शिलॉन्ग के निकट और भी ढेरों घूमने की जगहें हैं। इनमें से प्रमुख और सबसे लोकप्रिय है चेरापूंजी। चेरापूंजी में मेघालय की बाकी जगहों की तरह आपको कई जल प्रपात देखने को मिलेंगे जिसमें सबसे प्रसिद्ध है सेवन सिस्टर्स वाटरफॉल्स। यहां बने व्यू पॉइंट से आप सात शानदार झरनों का मनोरम दृश्य देख सकते हैं।

इसके अलावा यहां थंगखरंग पार्क, मॉस्मई गुफा, नोहकलिकाई झरना (जोकि भारत का सबसे ऊंचा जल प्रपात है), और डबल डेक्केर लिविंग रुट ब्रिज भी देखने लायक पर्यटन स्थल हैं। चेरापूंजी से 70 कि.मि. दूर बसा है मौलिन्नोंग गांव जिसे एशिया का सबसे साफ गांव होने का खिताब हासिल है। यहां भी आप लिविंग रूट ब्रिज का आनंद उठा सकते हैं। मौसिनराम गांव का दर्शन कर आप पृथ्वी पर स्थित सबसे नम स्थान को अपनी यात्रा के ‘बकेट लिस्ट’ से हटा सकते हैं।

मेघालय घूमने आएं तो भारत-बांग्लादेश बॉर्डर देखना न भूलें। शिलॉन्ग से लगभग 70 किलोमीटर दूर डौकी शहर बॉर्डर पर स्थित है। यहां की उमंगोट नदी भारत कि सबसे स्वच्छ नदी है। यह इतनी साफ है कि आप नाव पर सवार होकर इसका तल आसानी से देख पाएंगे। यहां आकर बॉर्डर पर तैनात भारतीय एवं बांग्लादेशी सिपाहियों को देखना एक प्रेरणादायक अनुभव होता है।

इसके अलावा आप माफ्लांग सेक्रेड ग्रोव्स और नरतयांग जा सकते हैं मोनोलिथ्स का अनोखा अनुभव करने। विभिन्न प्रजाति के लोगों के यहां रहने के कारण आप मेघलाय में रंगीन और विविध सांस्कृतिक उत्सवों में भी भाग ले सकते हैं जैसे कि बेह्देंख्लाम उत्सव, वंगला और रनिखोर उत्सव मेघालय में काफी तादात में ईसाई धर्म के लोग भी बसे हुए हैं इसलिए आपको यहां अनेक चर्च भी दिख जाएंगे।

मेघालय में घूमने कि जगहों की कमी नहीं है। और अगर आप कहीं इधर-उधर न जाना चाहें तो अपने होटल या गेस्ट हाउस में बैठ कर भी वातावरण का आनंद उठा सकते हैं। खुशनुमा मौसम तो सदैव रहता ही है यहां। और जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह है मेघालय। यहां के लोग बड़े सामान्य ढंग से अपनी ज़िन्दगी जीते हैं। पर साथ में कई कठिनाइयां भी हैं। समतल प्रदेश न होने के कारण छोटी-छोटी दूरियां मीलों लम्बी लगती हैं। इन सब के बावजूद यहां मेट्रो सिटीज से कम तनाव और भगा-भागी देखने मिलती हैं। ऐसा होना प्रकृति के अन्य अजूबों से काम नहीं।

तो मेघालय कैसे पहुंचें?

मेघालय में कोई रेल लाइन नहीं है। निकटतम रेलवे स्टेशन गुवाहाटी है जोकि शिलॉन्ग से 105 कि.मी. कि दूरी पर है और भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। मेघालय ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एवं निजी परिवहन कंपनियों की बस सेवाएं गुवाहाटी से आसानी से उपलब्ध हैं जो आपको तीन से चार घंटे में शिलॉन्ग पहुंचा देंगी। आप स्टेशन से टैक्सी भी किराये पर ले सकते हैं। उसी प्रकार गुवाहाटी हवाई अड्डे पर भी यह सुविधाएं उपलब्ध हैं। शिलॉन्ग के पास उमरोई में भी छोटा हवाई अड्डा है जहाँ फिलहाल एक ए.टी.आर.42 विमान जाता है, कोलकाता होते हुए। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने कि वजह से यहाँ आपको ढेरों अच्छे होटल्स मिल जाएंगे। शिलॉन्ग के पुलिस बाजार में इनकी तादात काफी है। मेघालय में कहीं भी घूमने के लिए आपको आंतरिक रेखा परमिट (आई.एल.पी.) कि जरुरत नहीं पड़ेगी।

तो इंतज़ार किसका है? अगली छुट्टी अवश्य मेघालय में ही मनाइए।


अपने देश की इस नायाब सी जगह के बारे में हमें लिख भेदजा है अनुजा भारद्वाजन ने। अनुजा मनमोहक मुस्कान वाली एक लड़की हैं। घूमने का घणा शौक है छोरी को। बोलती हैं कि जब शहर का शोर-गुल इसका जीना मुहाल कर देते हैं तो ये पहाड़ों की ओर भाग जाती है। वहां जाकर खुद को तलाशती हैं, ढेर सारा ऑक्सीजन भरती हैं और फिर कहीं के लिए निकल देती हैं। 


ये भी पढ़ें:

भारत में घूमने के असली मजे तो भइया यहां हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here