बेहतर होगा, अब आप शिमला घूमने न ही जाएं!

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ये शिमला है। मैंने बहुत से हिल स्टेशन घूमे हैं लेकिन शिमला का रंग सबसे अलग मालूम पड़ता है। सुंदर शहर है लेकिन मुझे पता नहीं क्यों थोड़ा ओवररेटेड लगा। पूरे शहर को घूमने के लिए एक दिन काफी है। जिले की भौगोलिक स्तिथि मुश्किलों से भरी हैं। कहते हैं कि पहले शिमला एक छोटा सा गांव हुआ करता था। मुझे लगता है कि इसे गांव ही रहना चाहिए था।

पार्किंग को लेकर भयंकर वाली समस्या से जूझ रहा है ये शहर। अगर आप गूगल मैप की मदद से शिमला घूमने पहुंचे हैं तो सतर्क हो जाएं। मॉल रोड पर गाड़ी ले जाना अलाउड नहीं है। ये अच्छा नियम है। लेकिन नीचे पार्किंग की समस्या है।

मॉल रोड से नीचे एक कॉमर्शियल पार्किंग है लिफ्ट के पास। उसके बारे में हमें बाद में पता चला तब हम गाड़ी लिए पूरे शिमला का चक्कर काट चुके थे कि कहीं गाड़ी लगाने का ठिकाना मिल जाए। हर जगह रोड पर लोगों ने अपनी गाड़ियां पार्क कर रखी हैं। इससे रोड भी संकरा हो जाती है और ट्रैफिक समस्या का सामना करना पड़ता है।

दो बार गूगल मैप के चक्कर में मॉल के रोड ऊपर गाड़ी लेकर चढ़ गए। वो तो अच्छा हुआ कि किसी ने बता दिया कि ऊपर गाड़ियां नहीं जाती हैं, 5000 रुपए का चालान कट जाएगा। अब यहां से कार बैक मोड में ही वापस लाना था क्योंकि मोड़ने की जगह नहीं थी रोड पर।

हालांकि किसी तरह कार पार्क करके मॉल रोड पर पहुंचे तो काफी पैदल चलने के बाद थोड़ा सुकून मिला। बादलों से घिरा शहर बेहद खूबसूरत प्रतीत हो रहा था। मॉल रोड के स्कैंडल प्वाइंट पर लगे तिरंगे को आधा झुकाया हुआ था। शायद जेटली जी के निधन के चलते राष्ट्रीय शोक के कारण ऐसा किया हो।

वैसे स्कैंडल प्वाइंट किसी और बात के लिए प्रसिद्ध है। दरअसल यहां से एक राजा ब्रिटिश वायसराय की बेटी के साथ भाग गया था जिससे बहुत ज्यादा हंगामा हुआ था और इसलिए इस जगह को ‘स्कैंडल पॉइंट’ कहा जाता है।

ज्यादातर हिल स्टेशन पर मॉल रोड जरूर होता है। शिमला के मॉल रोड में पड़ीं लोहे की बेंचें सबसे ज्यादा अच्छी लगती हैं। ऐतिहासिक चर्च के पास बेंच पर बैठकर टूरिस्ट की फोटोग्राफी देखने का अपनी ही मजा है। वैसे यहां या तो मानसून या फिर विंटर (खासतौर पर जनवरी) में जाना ज्यादा मजा देगा। शिमला की आबादी लगातार बढ़ रही है जो मुझे पसंद नहीं है!


ये जरूरी ब्लॉग हमें लिख भेजा है अमित यादव ने। अमित पेशे से पत्रकार हैं। मौका मिलते ही पहाड़ों की शरण में चले जाते हैं। नैसर्गिक सुंदरता की खूबसूरत तस्वीरें उतारना इनका पसंदीदा शगल है। इसके अलावा अमित को अपने गांव-जवार से बेइंतहा प्यार है। वहां की भी झलकियां अमित अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर समय-समय दिखाते रहते हैं।


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