कौन हैं चलत मुसाफ़िर

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हम हैं आप और आप हैं हम। हम उन हर एक में से एक हैं जिनके अंदर घुमक्कड़ी का बड़ा वाला कीड़ा है, जो फेसबुक पर ‘इफ ट्रैवेलिंग वॉज फ्री, यू वुड नेवर सी मी अगेन’ जैसे पोस्ट देखते ही शेयर करते हैं। उसके बाद बड़े अरमानों से अपने दोस्तों को उसमें टैग करते हैं। मन ही मन दृढ़ निश्चय करते हैं कि एक दिन पक्का गुट बनाकर अपनी पसंदीदा जगह जरूर घूमने जाएंगे। कुछ लोग तो एकदम ही जज्बाती हो जाते हैं और दावा करते हैं कि एक दिन वो ये नौकरी-वौकरी छोड़कर घूमने निकल जाएंगे। हमें आपकी घुमक्कड़ी पर पूरा भरोसा है। हमें यकीन है आप एक दिन हसीन वादियों में शाम की चाय पी रहे होंगे। और जब तक आप ये करेंगे तब तक के लिए हम आपको पूरा देश घर बैठे ही घुमाते रहेंगे। आपको प्रेरित करते रहेंगे।

ख्वाजा मीर ‘दर्द’ की ये लाइनें हम सबको बचपन से ही रोमांचित करती आई हैं और हमेशा करती रहेंगी।

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहां, ज़िदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां

क्या है हमारा दूरगामी लक्ष्य-

हम चाहते हैं कि हिंदी में ज्यादा से ज्यादा ट्रैवेलॉग लिखा जाए। और भारत के ऊपर लिखा जाए। आपने लास्ट बहुत अच्छा यात्रा साहित्य कब पढ़ा था, हिंदी में, भारत पर? आपकी स्मृति में जो नाम दर्ज हैं उन्हें उंगलियों पर गिना जा सकता है। अपनी विदेशी यात्राओं पर लोग काफी बढ़-चढ़कर लिखते हैं लेकिन बात जब देश के पर्यटन पर लिखने, बोलने और वीडियो बनाने की हो तो हमारा हिंदी तबका उदासीन रह जाता है। हालांकि अभी हमारे नौजवान हिंदीभाषी साथी अपनी यात्राओं का विवरण फेसबुक पर, अपने ब्लॉग्स पर दर्ज करने लगे हैं। हमारा उद्देश्य है उन सबको एक मंच पर लाना। साथ ही उनके इस लिखने की आदत को और धार देना। उनके कैमरे में भारत की खूबसूरती को कैद होती रहे, यही हमारी जुस्तजू है।

‘चलत मुसाफ़िर’ पर अपनी जगह बनाने के लिए ये करें

अपना चुनिंदा यात्रा वृतांत या फोटो फीचर या वीडियो ब्लॉग हमें हमारी मेल आईडी chalatmusaafirmail@gmail.com पर भेज दें। साथ में भेजें अपनी एकदम झन्नाट फोटो। और हां ये लिखना मत भूलिएगा कि आपके लिए घुमक्कड़ी के क्या मायने हैं।

तो गुरु हो जा शुरू। मुसाफ़िरी जिंदाबाद।

इंडिया! लेट्स घूमो।

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